आजकल अगले साल के चुनावी साल के लिए चुनावी सरगर्मियां शुरू हो गई हैं और फीता काटने से लेकर गांव में मजदूरों की बस्ती में उनकी मड़ैया में जाकर तस्वीरे खिंचवाने की होड़ लगी है वैसे में मुझे हमारे पुराणों में वर्णित कल्पवृक्ष की याद आ रही है जिसके अनूठे गुणों के बारे में आपमें से बहुतों ने बचपन में अवश्य सुना होगा। हमारी पुरातन संस्कृति के अनुसार कल्पवृक्ष एक ऐसा वृक्ष है जिसके नीचे बैठ कर जो भी मांगे वो पूरा हो जाता है। हमलोग भी बचपन में रात में जब बिजली गुल रहती थी तो आंगन में खुले आसमान के नीचे बैठकर इसी कल्पवृक्ष की कल्पना किया करते थे।
इस आकाश के कल्पवृक्ष की कितनी सच्चाई है ये तो पता नहीं पर हर किसी के मन में एक कल्पवृक्ष तो होता ही होता है, जो हमारी सोच के अनुसार हमें बदलता रहता है। जैसे आप और हम धार्मिक स्थलों पर जाते है और कहते है वहाँ जाने से हमारी मुराद पूरी हो जाती है। तो वो भी हमारे मन के कल्पवृक्ष का ही करिश्मा है।अगर हमारे मन में अक्सर एक संशय, एक डर बना रहता है कि पता नहीं क्या होगा, तो वो वैसा ही हो जाता है।दोस्तों जैसे, मैं अभी अपने बिहार की बात करूं, तो बिहार में इंडस्ट्रीज बहुत कम होने के कारण बिहार के Skilled और Semi_skilled लोगों को अर्थोपार्जन के लिए अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। ये हमारे यहां आम बात हो गई है। दोस्तों, आज मैं ऐसा इसलिए लिख रही हूं कि पिछले कई हफ्तों से बिहार के बाहर बिहारी मजदूरों के साथ लगातार आकस्मिक हादसे हुए, लेकिन इसकी चर्चा महज अखबार के हाशिए वाली खबर में दब कर रह गई।
मेरी जब भी किसी सामाजिक व्यक्ति से इस विषय पर बात होती है, तो अक्सर लोगो का कहना होता है कि बिहार में कुछ नही बदलेगा। बस ये मुद्दे हैं हो वोटिंग के समय में लच्छेदार बातों के साथ शुरू होंगे और सत्ता मिलने के बाद फिर से ठंडी झोली में डाल दिए जायेंगे।तो क्या हमे भी अपने मन के कल्पवृक्ष को इसी तरह से tune कर बिहार के इस हालात के साथ समझौता कर लेना चाहिए?? या बिहार में हम अपने जनप्रतिनिधियों से ऐसे कल्पवृक्ष के छांव पाने का प्रयास करें जहा और राज्यो की तरह उद्योगों की बहुतायत हो, समुचित शिक्षा_ व्यवस्था हो, कृषि उद्योग और स्वरोजगार की दिशा में युवाओं को जागरूक किया जाए!! ताकि ऐसी व्यवस्था हो कि हमारे लोगो को बिहार से बाहर जाने की नौबत ना आए!! पिछले कई वर्षो से मैंने तो कल्पवृक्ष से यही wishes मांगी है और ये अन्य राज्यों की तरह होके रहेगा आज नही तो कल!!।बस उस समय का इंतजार है। आपने अपने कल्पवृक्ष से बिहार के लिए क्या मांगा है, बताएगा जरूर!!