M priyadarshini

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जीवित्पुत्रिका व्रत

जीवित्पुत्रिका व्रत

जो खुद के लहू को अमृत बना,

बच्चो की भूख मिटा दे, वो प्यारी माँ है,

जो धूप की गर्मी को शीतल बना,

हमे खुद के आंचल में छुपा ले, वो हमारी माँ है,

जो खुद का पेट काटकर ,

हमारे लिए दो वक्त की रोटी जुटा दे, वो बिचारी माँ है,

जो बिना किसी स्वार्थ के,

हम पर अपने सारे सपने लुटा दे, वो न्यारी माँ है,

जो ज़माने के सारे जहर को पीकर,

हमारे जीवन को स्वर्ग बना दे, वो हमारी #माँ है!

दुनिया के सारे #सुपुत्रो और #सुपुत्रियो को #जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत की ढेर सारी शुभकामनाएं।

Note: वैसे मां का हृदय इतना विशाल होता है कि पुत्र #कुपुत्र हो जाए पर माता #कुमाता नही हो सकती