Spread the love गर्व से कहो कि मैं किसान हूं!!हां, मैं किसान हूँ!!धरती को हल से चीरकर,हर बीज को पसीने से सींच कर,जलाकर चिलचिलाती धूप में निज तन,करता सबके पेट की भूख का निदान हूँ।तुम मानो या ना मानो,मैं ही इस देश की आन बान और शान हूँ।