दोस्तो, पिछले कुछ वर्षों में भारत में #मक्का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है, जिससे हमारा देश वैश्विक मक्का बाजार में अग्रणी होता जा रहा है। आज जब मक्के की बढ़ती मांग और ज्यादा उत्पादन के दवाब के कारण जेनेटिक इंजीनियरिंग द्वारा विकसित (#GM) मक्का के बारे में चर्चा जोर पकड़ रही है, तब #Non_GM मक्का की किस्मों के संरक्षण, संवर्धन और टिकाऊ उपयोग को प्राथमिकता देने, खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने, जैव विविधता को संरक्षित करने और भारत में लचीली कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देना निहायत जरूरी हो गया है। देश में मक्का की खेती की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए Non-GM किस्मों को और उन्नत बनाने और आनुवंशिक संसाधनों की सुरक्षा करते हुए आधुनिक प्रौद्योगिकियों और टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने में किसानों का समर्थन करने के प्रयास आवश्यक है I साथ में ही हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इस आधुनिक तकनीक से आनुवंशिक संशोधित मक्के के बीजों के कोई दूरगामी दुष्परिणाम तो नहीं आयेंगे !! हमने यह भी देखा है कि BT कपास में भारतीय किसानों को एक कडवा अनुभव हो रहा है, जहाँ हम बहुराष्ट्रीय कंपनियों के दोहरी पालिसी के शिकार हो रहे हैं I अतः Non-GM कृषि पद्धतियों का समर्थन करने और किसानों को भारतीय संदर्भ के अनुकूल टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने के लिए सशक्त बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए।