M priyadarshini

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Daughter's Day

यूनिसेफ के अनुसार, भारत एकमात्र प्रमुख देश है जहां लड़कों की तुलना में लड़कियों की मृत्यु दर अधिक है। भारत में, आँकड़े गंभीर हैं, जहाँ 11 प्रतिशत अधिक लड़कियाँ पाँच वर्ष की आयु तक पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। ये एक भयावह सच्चाई है।आज इस अवसर पर मैं आपसे, अपने एक 5-6 वर्ष पूर्व देखे गए एक सपने का अनुभव बताती हूं। वैसे ये नींद में देखा गया सपना था फिर भी ऐसा लगा जैसे मैंने ये क्षण अभी जिया है। सुनिए।

सपने में मैंने देखा कि मेरी आत्मा घूमते घूमते अपने पिछले जनम में पहुँच गयी। जिसमे मेरी आत्मा को मृत्य के बाद ईश्वर की तरफ से मुझे स्वर्गलोक से धरती पर बेटी के रूप में जन्म लेने का आदेश मिला। मैंने थोड़ा पुण्य किया था इसीलिए उन्होंने मुझे दस-बारह घर की choices दिए और कहा कि बताओ किस घर में जन्म लेना चाहती हो? मैं बड़ी खुश हुई और झूमते झूमते एक घर में पहुंची जन्म लेने के लिए। वहां मैंने देखा कि उस घर में दो बच्चों ने तुरंत से जन्म लिया था। एक लड़का था, जिसके जन्म पर पूरे घर में झाल मंजीरे की थाप पड़ रही थी, तो दूसरी तरफ एक बेबस माँ के हाथ में एक बहुत प्यारी सी बच्ची थी जिसे लेकर उसके घर वाले रुआंसे उसे खरी खोटी सुना रहे थे, क्योंकि उनके परिवार को वंश चलाने के लिए बेटा चाहिए था। दोस्तों, मैं सपने में उलटे पाँव वहाँ से भागी दूसरे घर में। वहाँ मैंने देखा की एक भाई अपनी uniform में सज धज के स्कूल जा रहा था और वहां एक छोटी लड़की उसे ललचाई नजरों से देख रही थी। उसके पिताजी उधर से निकल कर आये और उन्होंने कहा, एक तो लड़की जात, ऊपर से अगर बाहर जायेगी और कुछ उंच नीच हो गयी तो मेरी नाक कट जायेगी। मैं वहाँ से भी उलटे पाँव भागी। फिर मैं तीसरे घर गयी और मैंने सोचा कि अब जन्म ले ही लेती हूँ। अब ये लीजिये, दो महीने भी नहीं हुए मुझे कि एक दिन मेरी होने वाली माँ मुझे लेकर डॉक्टर के पास गयी। डॉक्टर ने पता नहीं क्या क्या टेस्ट किया और फिर मेरे छोटे से सर पर औजारों की मार पड़ने लगी। मैं लहुलुहान होने लगी पर उन औजारों ने मुझे टुकड़े टुकड़े कर के मेरा अस्तित्व ही ख़त्म कर दिया। Ultrasound मशीन ने बता जो दिया था कि मैं लड़की हूँ। मैं रो पड़ी। रोते रोते मैं इश्वर के पास गयी और मैंने कहा, भगवान्! मुझे मत भेजो धरती पर। वहाँ के लोग बहुत बेदर्द है। फिर उन्हें मुझपर दया आ गयी और उन्होंने मुझे एक घर का पता दिया और बोला कि तुम वहां जाओ।

फिर मैं बड़े दुखी मन से भगवान के दिए पते वाले घर में घुसी। मैंने वहाँ देखा, मेरे होने वाली माँ की पूरी तरह से केयर ली जा रही है। मैं फिर भी डर रही थी। मेरा जन्म होने ही वाला था कि गोद भराई की रस्म में मेरी होने वाली माँ को खूब आशीर्वाद मिला। कुछ लोग यह भी बोले कि इश्वर करे तुम्हे पुत्र हो। खैर, मैंने जन्म लिया तो मेरे पापा दरवाजे के बाहर खड़े थे मेरे इंतज़ार में! उन्हें सिस्टर ने बताया कि आपकी पहली संतान पुत्री हुई है तो मेरे पापा ने सिस्टर से पुरे हॉस्पिटल में मिठाई बंटवाया। मैं जैसे ही अपनी माँ की गोद में गयी, उसने मुझे सीने से लगा लिया! मैं माँ-पापा का इतना प्यार पाकर निहाल हो गयी। तभी मेरी आँख खुल गयी और

सुबह उठकर मैंने इश्वर को धन्यवाद दिया और मैंने उनसे प्रार्थना की कि हे इश्वर! अगले जनम में भी मुझे इन्ही माँ पापा का साथ देना। तो दोस्तों! मन भारी है और मेरी आँखों में आंसू। मुझे पता है आप लोग भी अपने आप पर गर्व करते है कि आपको इतना अच्छा परिवार मिला और यही आशा है मेरी कि आगे आपकी होने वाली पीढ़ी भी आप पर गर्व करे और हर जनम में आप सा परिवार ही मांगे।