नमस्ते दोस्तों। आज से दो वर्ष पूर्व अगस्त_क्रांति 2021, यानी 09 अगस्त 2021, के दिन, पवित्र श्रावण माह के तीसरे सोमवार को, “बिक्रम_विधानसभा, पटना,” के ग्राम डिहरी में स्थित “कैलाश धाम मंदिर परिसर” में वहां के ग्रामीण बुजुर्गों को सम्मानित कर औपचारिक रूप से मार्गदर्शक_सम्मान_धरोहर_संरक्षण_अभियान की शुरुआत की गई थी, जो बिक्रम विधानसभा के साथ साथ बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों में निरंतर जारी है।
हमारे माननीय बुजुर्ग, जिन्हें हम आजकल सिर्फ “वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizen)” समझने लगे हैं, वो दरअसल हमारे पूर्वजों और युवा पीढ़ी के बीच के Connecting Link (संबंधसूत्र) हैं। ये सम्माननीय बुजुर्ग हमारे मार्गदर्शक तथा पूर्वजों के धरोहर, सभ्यता एवम संस्कृति के संवाहक हैं। अतः इस अभियान का प्रथम उद्देश्य है, इन मार्गदर्शकों को सम्मानित करना जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी इनसे प्रेरणा ले सके और अपनी सभ्यता-संस्कृति को प्रायोगिक तौर पर समझ सके।
इस अभियान का दूसरा उद्देश्य है, अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहरों को सहेजने और प्रमोट करने का प्रयास करना ताकि देश दुनिया में इन धरोहरों की पहचान बने, यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो पाए और हमारे क्षेत्र के आर्थिक विकास में मददगार साबित हो।
इन्ही दो उद्देश्यों के साथ वर्ष 2021 में -अगस्त क्रांति- के दिन इस अभियान का श्री गणेश कर नए रूप में “अगस्त क्रांति” की योजना बनी थी जो विगत दो वर्षों से निरंतर जारी। इन दो वर्षों में हमारी ऊर्जावान और प्रगतिशील टीम ने लगभग बिक्रम विधानसभा तथा बिहार के लगभग 8 ऐसे धरोहरों को चिह्नित कर उन स्थलों पर “मार्गदर्शक सम्मान सह धरोहर संरक्षण अभियान” आयोजित कर इन धरोहरों का डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन किया है और उसे www.biharkemandir.com पर अपलोड कर यथाशक्ति उन्हें प्रोमोट करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी टीम को आप सभी साथियों का साथ अपेक्षित है।