नमस्कार दोस्तों। पिछले दिनों भारत की राजधानी दिल्ली में #TimesGroup की पहल पर ET Edge द्वारा आयोजित दो दिवसीय Global Sustainability Alliance – #SDG_Submit_2023 में मुझे सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस सम्मेलन में मुझे देश-विदेश से आए कई ऐसे सरकारी, गैरसरकारी, कॉरपोरेट जगत और सामाजिक संगठनों के जाने माने उद्यमियों, नवप्रवर्तकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों से मिलने और सामयिक चर्चा करने का मौका मिला, जो स्थिरता के साथ आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए पूरी शिद्दत और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
इस सम्मेलन के दौरान मुझे श्री अशोक कुमार जी (Special Secretary and Director General, National Mission for Clean Ganga, जल शक्ति मंत्रालय), डॉ. संजय पांडे जी (Director, TERI -The Energy and Resources Institute, Delhi), Godrej और Bayer जैसी बड़ी कंपनियों के वाइस प्रेसिडेंटस, प्राकृतिक जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत startups और कई गणमान्य लोगों के साथ Round Table Discussion में भाग लेने का भी मौका मिला। यहां मुझे विश्व में #sustainablegrowth के लिए कार्य कर रहे इन प्रतिबद्ध लीडर्स के समक्ष United Nations द्वारा निर्धारित “SDG 6 (WWR 2021)” से प्रेरित अपनी पुस्तक “जल माँ” की सार्थकता और जरूरत पर भी विस्तार से चर्चा करने का मौका मिला।
दोस्तों, आज पूरा विश्व प्रकृति से अनावश्यक मानवीय छेड़छाड़ की वजह से जलवायु परिवर्तन, बेमौसम बारिश, कहीं बाढ़ तो कही सुखाड़, दरकते पहाड़ जैसी अनगिनत समस्याओं से जूझ रहा है। इन्ही चुनौतियों को ध्यान में रखकर सन 2012 में रियो डी जनेरियो में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के दौरान सतत विकास लक्ष्य (#SDG) पर पहली बार बात हुई थी। इसका उद्देश्य सार्वभौमिक लक्ष्यों का एक सेट तैयार करना था जिन लक्ष्यों को पूरा करने में सारा विश्व एकजुट हो सके, ताकि हम सब दुनिया के सामने आने वाली तत्काल पर्यावरणीय, राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हों।
आइए हम सब अपने पर्यावरण को प्रदूषण रहित रखने में, ज्यादा नहीं तो कम से कम, अपने हिस्से का “रामायण की गिलहरी” वाला प्रयास कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।