न यावत उमानाथ पादार विन्दम। भजंतीह लोके परे वा नाराणं।।
न तावत सुखं शान्ति संताप नाशं। प्रभो पाहि आपन्न मामीश शम्भो
आप सभी को, शुद्ध अंतःकरण से किए जप, तप से त्वरित प्रसन्न होने वाले परम कल्याणकारी, दुखियों के तारणहार, नीलकंठ, स्वयंभू, देवों के देव महादेव के पवित्र माह श्रावण मास के प्रथम सोमवार की ढेर सारी शुभकामनाएं। भोलेनाथ सबका कल्याण करें